Defence Bribery Case || CBI Investigation || Hawala Network || Defence Deal Scam: रक्षा सौदों में कथित रिश्वतखोरी और हवाला नेटवर्क से जुड़े मामले में CBI की जांच लगातार तेज होती जा रही है। नोएडा के कारोबारी यश गुप्ता की गिरफ्तारी और उसके घर से 50 लाख रुपये बरामद होने के बाद अब जांच कई राज्यों तक फैल चुकी है। एजेंसी को शक है कि रक्षा सौदों में रिश्वत की रकम हवाला चैनलों के जरिए खपाई गई। 50 से ज्यादा फर्में CBI के राडार पर CBI के रडार पर अब NCR समेत देशभर की 50 से अधिक वित्तीय सलाहकार फर्में और कारोबारी नेटवर्क आ गए हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि इन फर्मों ने संदिग्ध ट्रांजैक्शन को वैध दिखाने के लिए फर्जी वित्तीय दस्तावेज तैयार किए और हवाला लेनदेन को कानूनी रूप देने में मदद की। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली, यूपी, गुजरात, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। अब तक 100 से ज्यादा बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के संकेत मिले हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम किन रक्षा टेंडरों और सप्लाई डील्स को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल हुई। जांच में हुए कई बड़े खुलासे जांच के दौरान रक्षा सामग्री सप्लाई करने वाली कंपनी ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड का नाम भी सामने आया है। CBI के अनुसार कंपनी का कारोबार कुछ ही वर्षों में कई गुना बढ़ा, जिसे अब जांच के दायरे में रखा गया है। मामले में कर्नल हिमांशु बाली समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दिल्ली, नोएडा, कानपुर और पश्चिम बंगाल में लगातार छापेमारी जारी है। CBI अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में कई और कारोबारी, बिचौलिए और वित्तीय सलाहकारों के नाम सामने आ सकते हैं। ये भी पढ़ें: नोएडा एयरपोर्ट से सफर होगा आसान, दिल्ली-देहरादून तक सीधी बसें, ऐप कैब और शटल सेवा तैयार